Saturday, 18 January 2020

एहतिजाज क्या बे असर है?

आज़ादी हर इंसान का जन्मसिद्ध अधिकार है, आज़ादी हर मनुष्य का मौलिक अधिकार है,आज़ादी से जीवन जीने की आज़ादी भारतीय संविधान राइट टू लाइफ आर्टिकल 21 के तहत देता है।
लेकिन जब इसी आज़ादी पर हमले होते हैं ,निरंकुश ताक़तें मौलिक अधिकारों पर जब अंकुश लगाने की बातें करती हैं तो जनता आक्रोशित हो जाती है,जनता अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर सरकार के ख़िलाफ़ आंदोलित हो जाती है,न इसमें धर्म की क़ैद होती है न किसी सम्प्रदाय की।
सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाना हर एक नागरिक का मौलिक अधिकार है,अपने अधिकारों के लिए लड़ना,अधिकारों की रक्षा करना हर एक नागरिक का परम कर्तव्य है,
इसलिए जो लोग CAA के विरोध में  सड़कों  पर है वह हमारी जम्हूरियत की खूबसूरती को बाक़ी रखने के लिए आंदोलन कर रहे हैं,यह जग ज़ाहिर है कि जामिया ने इस आंदोलन की अगुवाई की है,और शाहीन बाग़ की दिलेर और शाहीन सिफत औरतों ने इस आंदोलन में जान फूंकने का काम किया है,यही वजह है कि हिन्दुस्तान के चप्पे चप्पे पर एक नया शाहीन बाग़ तैयार हो रहा है,एक भारी भीड़ महिलाओं की सड़कों पर न्याय के लिए बड़ी बेबाकी और निडरता के साथ अपनी आवाज़ उठा रही है।
उनकी इस आवाज़ की गूँज हिंदुस्तान ही नहीं दुनिया के तमाम मुल्कों में सुनी जा रही है।
सरकार भले ही ज़ाहिरी तोर पर यह कहती रही हो कि हम क़ानून को वापस नहीं लेंगे, लेकिन उनकी शारीरिक भाषा बिल्कुल उसके विपरीत है,जब बार बार ग्रह मंत्री यह कह रहे हों कि इससे देश के मुस्लिमों के लिए कोई मसला नहीं है,जब बार बार सरकार के मंत्री बयान दे रहे हों कि स्टूडेंट्स ने इस कानून को पढा नहीं है,जब बार बार बुद्धिजीवी वर्ग को सरकार अर्बन नक्सल  कह कह कर उनपर हमला कर रही हो,जब बार बार प्रोटेस्ट कर रहे लोगों पर सरकार हमले करा रही हो,जब बार बार ग्रह मंत्री और उनकी सरकार का अंतराष्ट्रीय स्तर पर विरोध हो रहा हो तो यह यक़ीन करना ज़्यादा मुश्किल नहीं है कि सरकार यक़ीनन बैक फुट पर है,सरकार बौखलाई हुई है,और सरकार को बैक फुट पर  लाने में स्टूडेंट्स का कलीदी किरदार रहा है।
और ये धरने,मुज़ाहिरे ,एहतिजाज की यह बुलंद आवाज़े सत्ताधारी सरकार की नींदें उड़ाने के लिए काफी है।
आज नहीं तो कल सरकार को एक साफ स्टैंड इस कानून पर लेना होगा वरना जनता अपना काम बखूबी कर रही है और जनता ही गद्दी पर बिठाती है और जनता ही गद्दी में आखरी कील ठोकने का काम करती है।।।
                                           राशिद अमीन

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